शंभु शंभु

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शंभु शंभु

हर हर शंभु

शंभु शंभु

हर हर शंभु

शंभु शंभु

हर हर शंभु

शंभु शंभु

हर हर शंभु

बाबा मेरी सुनिये विनती,

मेरा साथ न छोड़ दिए,

मेरा साथ न छोड़ दिए………

इस भीड़के मैं,

कदे रुल जून न मैं,

मेरा हाथ न छोड़ दिए,

मेरा हाथ न छोड़ दिए………

रग रग में मेरी शंभूनाथ मेरे,

बसर्य सा बस तू ए तु,

लोगन के तो सिर्फ जिस्मा पे,

मेरे दिल पा खुद रिया सा तू,

लाइकडेगा इब्ब दिल ते तू जड़,

माने प्राण यान छोड़ दिए,

माने प्राण यान छोड़ दिए,

बाबा मेरी सुनिये विनती…

ॐ नमो शिवाय…

ॐ नमो शिवाय…

ॐ नमो शिवाय……

ॐ नमो शिवाय…

जितनी भी सा ओकत मेरी,

सा तेरे ही दम पा,

जो कुछ भी क्रिया इब तक भी माने,

सब क्रिया तेरे दम पे,

सब ते ज्यादा माने तेरपे भरोसा,

मेरी आस न तोड़ दिए,

मेरी आस न तोड़ दिए……..

ॐ नमो शिवाय….

ॐ नमो शिवाय…

ॐ नमो शिवाय…

ॐ नमो शिवाय…

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।