मेरे बांके बिहारी से

चित्र विचित्र
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ऐ री नैना, लड़े री नैना,

मेरे बांके बिहारी से नैना लड़े,

मेरे बांके बिहारी से नैना लड़े,

ऐ री नैना, लड़े री नैना,

मेरे बांके बिहारी से नैना लड़े,

मेरे बांके बिहारी से नैना लड़े.......

कजरारे री नैना, मतवारे री नैना,

नैनों से एक पल नैना हठें ना,

कजरारे री नैना, मतवारे री नैना,

नैनों से एक पल नैना हठें ना,

ऐ री नैना, लड़े री नैना,

मेरे बांके बिहारी से नैना लड़े,

मेरे बांके बिहारी से नैना लड़े.......

नैनों को भाये नैना, दिल में समाये नैना,

ललचाये री नैना, शरमाये री नैना,

नैनों से एक पल नैना हठें ना,

ऐ री नैना, लड़े री नैना,

मेरे बांके बिहारी से नैना लड़े,

मेरे बांके बिहारी से नैना लड़े........

नैनों ने नैनों को देखा, बेचैन हुए नैना,

नैनों ने नैनों से पूछा, बेचैन हुए नैना,

बिन देखे चैन परे ना परे ना,

ऐ री नैना, लड़े री नैना,

मेरे बांके बिहारी से नैना लड़े,

मेरे बांके बिहारी से नैना लड़े......

नैनों के सामने आ, तरस रहे री नैना,

तरसे हैं तेरी याद में, बरस रहे री नैना,

बादल के नैनों से नैना लगे ना,

ऐ री नैना, लड़े री नैना,

मेरे बांके बिहारी से नैना लड़े,

मेरे बांके बिहारी से नैना लड़े......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।