कान्हा जी तुम्हे किसने सजाया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

चंदा भी देख शरमाया,

कान्हा जी तुम्हे किसने सजाया,

किसने सजाया तुम्हे किसने सजाया,

चंदा भी देख शरमाया,

कान्हा जी तुम्हे किसने सजाया.....

नजर आज तुझे लग ना जाए,

रूप तेरा मेरे मन को भाए,

मन मेरा घबराया,

कान्हा जी तुम्हे किसने सजाया......

दिल पे मेरे कर गई टोना,

देख के तेरा मुखड़ा सोना,

नशा तेरा हम पे छाया,

कान्हा जी तुम्हे किसने सजाया......

देख के तुझको हुई दीवानी,

दुनियां ने मेरी जानी कहानी,

तेरे प्यार ने मुझे नचाया,

कान्हा जी तुम्हे किसने सजाया.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।