हम तो श्याम कृपा में पलते है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जग की नहीं जरुरत हम तो,

श्याम कृपा में पलते है,

आगे आगे खाटू वाला,

आगे आगे खाटू वाला,

हम तो पीछे चलते है,

जग की नही जरुरत हम तो,

श्याम कृपा में पलते है........

हम उस बाग के फूल है प्यारे,

श्याम धणी जिसका माली,

भवरों से डर कैसा हमको,

श्याम करे जब रखवाली,

इनकी कृपा से सींचे जाए,

फूल वो दिन दिन खिलते है,

जग की नही जरुरत हम तो,

श्याम कृपा में पलते है........

जग के झूठे सेठों से बस,

मेरा इतना कहना है,

जिसके इशारे गोलू नाचे,

वो बस श्याम की बैना है,

जग क्या बिगाड़े उसका जो,

श्री श्याम कृपा से पलते है,

जग की नही जरुरत हम तो,

श्याम कृपा में पलते है........

जग की नहीं जरुरत हम तो,

श्याम कृपा में पलते है,

आगे आगे खाटू वाला,

आगे आगे खाटू वाला,

हम तो पीछे चलते है,

जग की नही जरुरत हम तो,

श्याम कृपा में पलते है.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।