जेहनूं याद श्याम दी आवे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जेहनूं याद श्याम दी आवे,

ओहनूं घर विच चैन ना आवे,

ओ बंदा भज्ज भज्ज दर्शन पावे, तां समझो,

श्याम दियाँ मेहराँ ने....

मैं की की सिफ़तां करां तेरे दरबार दीया,

तेरे दर ते संगतां भवसागर तों तरदीया,

जेहड़ा दिल श्याम नाल लावे,

ओह्दी कट चौरासी जावे,

ओ बंदा भज्ज भज्ज दर्शन पावे, तां समझो,

श्याम दियाँ मेहराँ ने....

तेरे भगतां नू जद लोकी ताहने देंदे ने,

तेरे भगत प्यारे ताहने भी सह लैंदे ने,

जेहड़ा श्याम दे दर ते आवे,

ओ मँगियां मुरादां पावे,

ओ बंदा भज्ज भज्ज दर्शन पावे, तां समझो,

श्याम दियाँ मेहराँ ने....

जेहनूं चन्न ते तारे आ के शीश झुकाउँदे ने,

मेरे श्याम भुलियाँ नूं भी रस्ते पौंदे ने,

जेहनूं ज्ञान गुरां दा आवे,

ओहदा जन्म मरण मुक्क जावे,

ओ बंदा भज्ज भज्ज दर्शन पावे, तां समझो,

श्याम दियाँ मेहराँ ने....

जेहड़े कंडियाँ नूं भी फुल समझ के आंदे ने,

ओहश्याम जी दा प्यार सुहाना पांदे ने,

जेहनूं प्यार श्याम दा आवे,

ओहनूं इक पल चैन ना आवे,

ओ बंदा भज्ज भज्ज दर्शन पावे, तां समझो,

श्याम दियाँ मेहराँ ने....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।