गूजरीन को प्यारो श्याम हमारे घर काहे को आवेगो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अरे गूजरीन को प्यारो श्याम हमारे घर काहे को आवेगो,

काहे को आवेगो, काहे को आवेगो,

अरे गूजरीन को प्यारो श्याम......

मेरे घर में महल अटारी काहे को आवेगो,

गुजरी के घर में टूटी झोपड़ी वाही में आवेगो,

अरे गूजरीन को प्यारो श्याम......

मेरे घर में तातो पानी काहे को नहावेगो,

गुजरी के घर में ठंडा पानी मल मल नहावेगो,

अरे गूजरीन को प्यारो श्याम......

मेरे घर में पीला पितांबर काहे को पहनेगो,

गुजरी के घर में नीली फरिया वाहि पहनेगो,

अरे गूजरीन को प्यारो श्याम......

मेरे घर में माखन मिश्री काहे को खावेगो,

गुजरी के घर में छाछ राबड़ी हंस हंस खावेगो,

अरे गूजरीन को प्यारो श्याम......

मेरे घर में मखमल गद्दा काहे को सोवेगो,

गुजरी के घर में फटी गुदरी वाही में सोवेगो,

अरे गूजरीन को प्यारो श्याम......

मेरे घर में रुक्मण रानी काहे को बोलेगो,

गुर्जरी के घर में गुर्जर की छोरी हंसा बतलावेगो,

अरे गूजरीन को प्यारो श्याम......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।