मैया मेरी बेटी को ऐसा परिवार मिले

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैया मेरी बेटी को ऐसा घर बार मिले,

जहां सेवा हो तेरी ऐसा परिवार मिले.....

छोटा सा मंदिर हो उस घर में मां तेरा,

उस घर का हर प्राणी सब चाहो नाम तेरा,

ससुराल में भी उसको बेटी का प्यार मिले,

मैया मेरी बेटी को ऐसा घर बार मिले....

बरसों की यादों को पल भर में भुलाएगी,

जब डोली बेटी की मेरे घर से जाएगी,

रोते हुए जाएगी हंसता परिवार मिले,

मैया मेरी बेटी को ऐसा घर बार मिले....

जब गठबंधन होगा तुम्हें आना ही होगा,

अपनी लाडो बिटिया पर प्यार लुटाना ही होगा,

तेरे भक्तों को मैया इतना अधिकार मिले,

मैया मेरी बेटी को ऐसा घर बार मिले....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।