मेरी मां आने वाली है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

पंडाल सजा, दरबार सजा,

मेरी मैया का श्रृंगार सजा

पंडाल सजा, दरबार सजा,

मेरी मैया का श्रृंगार सजा,

पंडाल सजा, दरबार सजा,

मेरी मैया का श्रृंगार सजा......

अपने भक्तों के कष्टों को,

भगाने वाली है,

शहर में जय हो,

शहर में जय मां,

शहर में मच गया हल्ला,

मेरी मां आने वाली है,

शहर में मच गया हल्ला,

देवी मां आने वाली है.......

फूलों के सिंहासन पर,

आसन लगा है मैया का,

सिंह के साथ में सुना है आना,

होगा भैरव भैया का,

फूलों के सिंहासन पर,

आसन लगा है मैया का,

सिंह के साथ में सुना है आना,

होगा भैरव भैया का,

सोई हुई किस्मत को,

फिर से जगाने वाली है,

शहर में जय हो,

शहर में जय मां,

शहर में मच गया हल्ला,

मेरी मां आने वाली है,

शहर में मच गया हल्ला,

देवी मां आने वाली है.......

जगराते में मां के दर पर,

झूमने की तैयारी है,

सुना है मूर्ति मां की भक्तों,

सारे जग से प्यारी है,

जगराते में मां के दर पर,

झूमने की तैयारी है,

सुना है मूर्ति मां की भक्तों,

सारे जग से प्यारी है,

अपने दर पर सब भक्तों को,

बुलाने वाली हैं,

शहर में जय हो,

शहर में जय मां,

शहर में मच गया हल्ला,

मेरी मां आने वाली है,

शहर में मच गया हल्ला,

देवी मां आने वाली है.......

अपने भक्तों के कष्टों को,

भगाने वाली है,

शहर में जय हो,

शहर में जय मां,

शहर में मच गया हल्ला,

मेरी मां आने वाली है,

शहर में मच गया हल्ला,

देवी मां आने वाली है......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।