मैं दौड़ा आऊंगा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

इक बार बुला मुझको,

मैं दौड़ा आऊंगा,

इक बार बुला मुझको,

मैं दौड़ा आऊंगा,

खाटू की माटी को,

थारे चरणां की माटी को,

माथे पे लगाऊंगा,

इक बार बुला मुझको,

मैं दौड़ा आऊंगा,

इक बार बुला मुझको,

मैं दौड़ा आऊंगा......

तीन बाण के धारी,

थारी बात निराली सै,

जो थारे दर पे आता,

उसकी रोज दिवाली सै,

तीन बाण के धारी,

थारी बात निराली सै,

जो थारे दर पे आता,

उसकी रोज दिवाली सै,

तू पल में झोली भरता,

मैं सबको बताऊंगा,

इक बार बुला मुझको,

मैं दौड़ा आऊंगा,

इक बार बुला मुझको,

मैं दौड़ा आऊंगा......

जय जय श्री श्याम,

जय जय श्री श्याम....

भक्तन की सेवा में,

मैं इक इक पल बिताऊंगा,

छोड़ के चाकरी सारी,

फिर मैं कहीं ना जाऊंगा,

भक्तन की सेवा में,

मैं इक इक पल बिताऊंगा,

छोड़ के चाकरी सारी,

फिर मैं कहीं ना जाऊंगा,

सुबह शाम भक्तां ने,

जय श्री श्याम बुलाऊंगा,

इक बार बुला मुझको,

मैं दौड़ा आऊंगा,

इक बार बुला मुझको,

मैं दौड़ा आऊंगा.......

काम चलाये लाखों के,

धनवान बनाया है,

रोहित जैसे बेगुण से,

गुणगान कराया है,

काम चलाये लाखों के,

धनवान बनाया है,

रोहित जैसे बेगुण से,

गुणगान कराया है,

जोगिया कलम चलावे,

आखिरी श्वांस मैं गाऊंगा,

इक बार बुला मुझको,

मैं दौड़ा आऊंगा,

इक बार बुला मुझको,

मैं दौड़ा आऊंगा......

इक बार बुला मुझको,

मैं दौड़ा आऊंगा,

इक बार बुला मुझको,

मैं दौड़ा आऊंगा,

खाटू की माटी को,

थारे चरणां की माटी को,

माथे पे लगाऊंगा,

इक बार बुला मुझको,

मैं दौड़ा आऊंगा,

इक बार बुला मुझको,

मैं दौड़ा आऊंगा......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।