गुरु बिना ज्ञान मिले कोनी

संत कबीर
श्री राम भजन गुरुदेव भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

भटक्या से राम मिले कोनी, गुरु बिना ज्ञान मिले कोनी.....

कागज़ हो तो बांच सुना दू, कागज़ हो तो बांच सुना दू,

म्हारे मंनडेरी बात बतई कोनी, गुरु बिना ज्ञान मिले कोनी......

चूले की आग होतो पानी से भुजा दू, चूले की आग होतो पानी से भुजा दू,

म्हारे कालजेरी आग भुजे कोनी, गुरु बिना ज्ञान मिले कोनी......

गहरी गहरी नदिया नांव पुरानी, गहरी गहरी नदिया नांव पुरानी,

म्हारे नैना रो नीर डटे कोनी, गुरु बिना ज्ञान मिले कोनी.....

भणत कमाल कबीरा तेरी वाणी, भणत कमाल कबीरा तेरी वाणी,

म्हारो मन सत्संग में जावे कोनी, गुरु बिना ज्ञान मिले कोनी......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।