गले मुझको लगा ले बाबा खाटू वाले

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बोल खाटू श्याम की जय

सुन ले बाबा खाटू वाले,

तेरे दर पे आया,

दुख ने बड़ा सताया,

मेरे पास नहीं धन माया,

सुन ले बाबा खाटू वाले,

तेरे दर पे आया,

दुख ने बड़ा सताया,

मेरे पास नहीं धन माया,

बाबा खाटू वाले,

गले मुझ को लगा ले,

बाबा खाटू वाले,

गले मुझ को लगा ले.......

श्री कृष्ण जी ने रे,

शीश था रे मांगा,

तू ही तो शीश का दानी,

तेरे दर पे जो आता,

खाली ना वो जाता,

तेरी है ये दुनिया दीवानी,

तीन बाण के धारी,

महिमा तेरी है न्यारी,

हारे का तू ही सहारा,

जाने दुनिया सारी,

बाबा खाटू वाले,

गले मुझ को लगा ले,

बाबा खाटू वाले,

गले मुझ को लगा ले........

कोई ना सहारा,

आज हूं बेसहारा,

सब छोड़ गये,

मुझको रोड पे,

कोई ना हिमाती,

सब झूठे हैं साथी,

लेने आजा रिगस के मोड़ पे,

दुनियादारी ने छोड़,

मेरी श्याम से जुड़ गयी प्रीत,

बेशक हार जाऊँ जग से,

पर खुद से जाऊँगा जीत,

बाबा खाटू वाले,

गले मुझ को लगा ले,

बाबा खाटू वाले,

गले मुझ को लगा ले.........

कोई दिल्ली है जाता,

कोई मुंबई है जाता

में तो जाऊँ रींगस से खाटू,

कोई ना है किसी का,

सारा खेल पैसे का,

दुख दर्द रे किस से में बांटू,

तेरे कृपा से बाबा,

मेरे हो जाते है काम,

करते हो तुम बाबा,

मेरा हो जाता है नाम,

बाबा खाटू वाले,

गले मुझ को लगा ले,

बाबा खाटू वाले,

गले मुझ को लगा ले........

तेरा होता ना साथ,

मेरे सर पे हाथ,

तो बाबा रे यूं ही मैं मर जाता,

पुष्पेंद्र राणा और संजीव राणा,

तेरी महिमा के किस्से सुनता,

अस शहपानी कलम चलावे,

गजेंद्र राणा गावे,

मिलकर के बाबा,

रींगस से खाटू आवे,

बाबा खाटू वाले,

गले मुझ को लगा ले,

बाबा खाटू वाले,

गले मुझ को लगा ले.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।