खाटू वालो श्याम धनी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बोल तीन बाण धारी की जय...

हो मेरे दिल में,

हो मेरे दिल में, समाय गयो रे,

वो खाटू वालो श्याम धनी,

श्याम धनी जी, श्याम धनी,

बाबा मेरा श्याम धनी,

हो मेरे दिल में,

हो मेरे दिल में, समाय गयो रे,

वो खाटू वाला श्याम धनी,

श्याम धनी जी, श्याम धनी......

मोहे लागे घनो तू प्यारा,

हारे का बस तू ही सहारा,

मोहे लागे घनो तू प्यारा,

हारे का बस तू ही सहारा,

हो कैसो जादू कर गया रे,

ओ खाटू वाला श्याम धनी,

हो मेरे दिल में समाय गयो रे,

वो खाटू वालो श्याम धनी,

हो मेरे दिल में समाय गयो रे,

वो खाटू वाला श्याम धनी........

तू अंगूठी और मैं हुं नगीना,

तेरी भक्ति में अब मुझे जीना,

तू घूठी और मैं हुं नगीना,

तेरी भक्ति में अब मुझे जीना,

हो मोहे दीवानों कर गयो रै,

वो खाटू वालो श्याम धनी,

हो मेरे दिल में समाय गयो रे,

वो खाटू वाला श्याम धनी.......

श्रृंगार तेरो लागे जोर को,

ऊपर ते सर पे पंख मोर को,

श्रृंगार तेरो लागे जोर को,

ऊपर ते सर पे पंख मोर को,

नितिन के मन को मोह गयो रै,

वो खाटू वालो श्याम धनी,

हो मेरे दिल में समाय गयो रे,

वो खाटू वाला श्याम धनी.......

बाबा मेरा तू ही सहारा,

मैं तो हूं किस्मत का मारा,

अंकित, ए के का हाथ पकड़ गयो रै,

वो खाटू वालो श्याम धनी,

हो मेरे दिल में समाय गयो रे,

वो खाटू वाला श्याम धनी.......

हो मेरे दिल में,

हो मेरे दिल में, समाय गयो रे,

वो खाटू वालो श्याम धनी,

श्याम धनी जी, श्याम धनी,

बाबा मेरा श्याम धनी,

हो मेरे दिल में,

हो मेरे दिल में, समाय गयो रे,

वो खाटू वालो श्याम धनी,

श्याम धनी जी, श्याम धनी......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।