हर जुबां पर मेरे बाबा तेरी कहानी है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हर जुबां पर मेरे बाबा,

तेरी कहानी है,

जहां जाऊं वहां देखूं,

तेरी निशानी है,

हर जुबां पर मेरे बाबा,

तेरी कहानी है,

जहां जाऊं वहां देखूं,

तेरी निशानी है.......

जहां जाऊं मुझे आता,

है श्याम तू नज़र,

जहां जाऊं मुझे आता,

है श्याम तू नज़र,

कैसा जादू है ये,

छाया है ये कैसा,

मुझपे असर,

तेरी कृपा से ही चलती,

तेरी कृपा से ही चलती है,

मेरे घर की गुजर,

अब तो तेरे हवाले,

मेरी जिंदगानी है,

श्याम तेरे हवाले,

मेरी जिंदगानी है.......

तेरे आंचल की छांव पाके,

कट रहा ये सफर,

तेरे आंचल की छांव पाके,

कट रहा ये सफर,

तेरे साया है साथ मेरे तो,

कैसी है फिकर,

तेरे साया है साथ मेरे तो,

कैसी है फिकर,

खाली लौटा ना कभी कोई,

खाली लौटा ना कभी कोई,

तेरी चौखट से,

सारी दुनिया मेरे बाबा,

तेरी दीवानी है,

सारी दुनिया मेरे बाबा,

तेरी दीवानी है,

जहां जाऊं वहां देखूं,

तेरी निशानी है........

हर जुबां पर मेरे बाबा,

तेरी कहानी है,

जहां जाऊं वहां देखूं,

तेरी निशानी है,

हर जुबां पर मेरे बाबा,

तेरी कहानी है,

जहां जाऊं वहां देखूं,

तेरी निशानी है.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।