बल्ले बल्ले खाटू वाले

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बोल हारे के सहारे की जय

ओ सुन खाटू वाले श्याम,

ओ सुन खाटू वाले श्याम,

बना दे मेरे बिगड़े काम,

बना दे मेरे बिगड़े काम,

तेरा नाम रटया करता,

बाबा मैं भी सुबह शाम,

तेरे नाम के जयकारे गूंज रहे,

तेरे नाम के जयकारे गूंज रहे,

भक्तों में खुशी का,

माहौल छा लिया,

आज तो मेरी बल्ले बल्ले,

होगी रै,

मैं फिर से खाटू वाले के,

धाम आ लिया,

आज तो मेरी बल्ले बल्ले,

होगी रै,

मैं फिर से खाटू वाले के,

धाम आ लिया,

ओ सुन खाटू वाले श्याम,

बना दे मेरे बिगड़े काम.......

यो दुनिया कवे तने,

कलयुग का राजा,

मेरी जिंदगी की नैया,

किनारे तू लगा जा,

सारे सुख दुख,

तेरी गैल बाटूंगा,

हमने भी रींगस तै,

निशान उठा लिया,

आज तो मेरी बल्ले बल्ले,

होगी रै,

मैं फिर से खाटू वाले के,

धाम आ लिया,

आज तो मेरी बल्ले बल्ले,

होगी रै,

मैं फिर से खाटू वाले के,

धाम आ लिया,

ओ सुन खाटू वाले श्याम,

बना दे मेरे बिगड़े काम.......

हर पल बस बाबा,

तुझे मैं निहारूं,

जय जय श्याम श्री श्याम,

कह के मैं पुकारूं,

हर पल बस बाबा,

तुझे मैं निहारूं,

जय जय श्याम श्री श्याम,

कह के मैं पुकारूं,

तू खाटू वाले दिल में,

समाके बैठ्या सै,

भक्ति से बाबा तेरी,

सब पा लिया,

आज तो मेरी बल्ले बल्ले,

होगी रै,

मैं फिर से खाटू वाले के,

धाम आ लिया,

आज तो मेरी बल्ले बल्ले,

होगी रै,

मैं फिर से खाटू वाले के,

धाम आ लिया,

ओ सुन खाटू वाले श्याम,

बना दे मेरे बिगड़े काम.......

रै धन तू ही दौलत,

तू मेरा सहारा,

तेरे बिना बाबा,

ना अब मेरा गुजारा,

रै धन तू ही दौलत,

तू मेरा सहारा,

तेरे बिना बाबा,

ना अब मेरा गुजारा,

ए के गर्ग अंकित,

तेरे प्यार के हैं मारे,

श्याम जोशी ने तुमको,

दिल में बसा लिया,

आज तो मेरी बल्ले बल्ले,

होगी रै,

मैं फिर से खाटू वाले के,

धाम आ लिया,

आज तो मेरी बल्ले बल्ले,

होगी रै,

मैं फिर से खाटू वाले के,

धाम आ लिया,

ओ सुन खाटू वाले श्याम,

बना दे मेरे बिगड़े काम.........

हो हम तो हैं बाबा,

तेरे टुकड़ों पे पलते,

तेरी बिना मर्जी के,

पत्ते भी ना हलते,

ठाकुर नितिन तेरी,

जय जयकार करता,

यू डी राणा ने ये,

तेरा छंद गा लिया,

आज तो मेरी बल्ले बल्ले,

होगी रै,

मैं फिर से खाटू वाले के,

धाम आ लिया,

आज तो मेरी बल्ले बल्ले,

होगी रै,

मैं फिर से खाटू वाले के,

धाम आ लिया,

ओ सुन खाटू वाले श्याम,

बना दे मेरे बिगड़े काम.......

ओ सुन खाटू वाले श्याम,

ओ सुन खाटू वाले श्याम,

बना दे मेरे बिगड़े काम,

बना दे मेरे बिगड़े काम.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।