दे दे श्याम मंदिर का कोना

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दे दे सांवरे,

मंदिर का कोना,

जब जी चाहे देख लूँ तेरा,

जब जी चाहे देख लूँ तेरा,

रूप सलोना,

दे दे दे दे सांवरे,

मंदिर का कोना......

मैं रोज सवेरे उठकर,

तेरे मंदिर आऊं,

तेरी सेवा पूजा करके,

तुझको भजन सुनाऊँ,

सिख जाऊं भजनों में प्रेम के,

सिख जाऊं भजनों में प्रेम के,

भाव पिरोना,

दे दे दे दे सांवरे,

मंदिर का कोना.......

मैं बैठ के तेरे आगे,

सुख दुःख अपने खोलूं,

आँख के आंसू से मैं,

तेरी चोखट धो लूँ,

आ जाए हर हाल में बाबा,

आ जाए हर हाल में बाबा,

प्रीत निभाना,

दे दे दे दे सांवरे,

मंदिर का कोना.......

मुझे सेवा देके अपनी,

मेरे भाग जगा दे,

तू कर किरपा मेरे मन की,

दाता मेल छुड़ा दे,

कर दे करदे सांवरिया,

कर दे करदे सांवरिया,

अन्दर से सोणा,

दे दे दे दे सांवरे,

मंदिर का कोना........

इस झूठी दुनिया से ना,

कोई आस करूँ मैं,

तेरी रहमत पे दाता,

विश्वास करूँ मैं,

कभी ना छोड़े 'रोमी' तेरे,

कभी ना छोड़े 'रोमी' तेरे,

दर पे आना,

दे दे दे दे सांवरे,

मंदिर का कोना.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।