राम क्यों भेज दिए वन में

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

भरत जी रोवे महलन में,

राम क्यों भेज दिए वन में.....

बड़ी हठीली हट कर बैठी,

माता कौशल्या की एक न मानी,

उर्मिला एकली महलन में राम क्यों भेज दिए वन में.....

यहां महल वहां नहीं है मढैया

सिया जानकी सम दोनों भैया

विगत होंगे बारिश में राम क्यों भेज दिए वन में.....

तेने केकई जुलम गुजारा,

अपना पद देने आप गमाया,

खटक गई सबकी नजर में राम क्यों भेज दिए वन में.....

राजपाट मोहे ना चाहिए माता,

चाहिए राम लखन से भ्राता,

भाभी क्या सोच होगी मन में राम क्यों भेज दिए वन में.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।