कोई गीत सुरीले गाये

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कोई बजवाता है डी जे,

कोई राग रागिनी गाये,

कोई ढ़ोल नगाड़े बजवाता,

कोई गीत सुरीले गाये,

मैं श्याम दिवाना हूं भक्तों,

मुझे श्याम नाम रंग भाये,

कोई बजवाता है डी जे,

कोई राग रागिनी गाये.....

हार के दर जो भी आ जाये,

हाथ ये उसका थाम ले,

जो चाहे सब मिल जायेगा,

बाबा का तू नाम ले,

हार के दर जो भी आ जाये,

हाथ ये उसका थाम ले,

जो चाहे सब मिल जायेगा,

बाबा का तू नाम ले,

हार नहीं सकता बन्दे,

जो श्याम शरण आ जाये,

कोई बजवाता है डी जे,

कोई राग रागिनी गाये,

कोई ढ़ोल नगाड़े बजवाता,

कोई गीत सुरीले गाये.......

छोड़ के दुनियादारी दीवाने,

मोह ममता को त्याग दे,

अपने पराये सब दौलत के,

तेरा ना कोई जान ले,

छोड़ के दुनियादारी दीवाने,

मोह ममता को त्याग दे,

अपने पराये सब दौलत के,

तेरा ना कोई जान ले,

लुट जायेगा सब प्यारे,

कुछ हाथ ना तेरे आये,

कोई बजवाता है डी जे,

कोई राग रागिनी गाये,

कोई ढ़ोल नगाड़े बजवाता,

कोई गीत सुरीले गाये........

खाटू वाले श्याम धनी की,

महिमा प्यारे जान ले,

अंत समय फिर पछतायेगा,

अब ही कर शुभ काम ले,

खाटू वाले श्याम धनी की,

महिमा प्यारे जान ले,

अंत समय फिर पछतायेगा,

अब ही कर शुभ काम ले,

रणजीत जोगी क्यों सुनले,

बस श्याम नाम गुण गाये,

कोई बजवाता है डी जे,

कोई राग रागिनी गाये,

कोई ढ़ोल नगाड़े बजवाता,

कोई गीत सुरीले गाये.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।