ऐसी मस्ती कहाँ मिलेगी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ऐसी मस्ती कहां मिलेगी,

श्याम नाम रस पिले,

तू मस्ती में जी ले,

सांचा है दरबार श्याम का,

श्याम प्रभु हैं रसीले,

तू मस्ती में जी ले.....

लख चौरासी भटक भटक कर

मानस काया पाई,

ऐसा फंसा जगत में आकर,

सारी सुध बिसराई,

अब भी समय है, संभल बावरे,

बंधन कर ले ढीले,

तू मस्ती में जी ले,

सांचा है दरबार श्याम का,

श्याम प्रभु हैं रसीले,

तू मस्ती में जी ले.......

अमृतमय है नाम श्याम का,

सारे दोष मिटा दे,

अंधकार को दूर भगा,

हिवड़े में ज्योत जगा दे,

अन्तर्मुख हो बैठे चैन से,

नैना कर ले गीले,

तू मस्ती में जी ले,

सांचा है दरबार श्याम का,

श्याम प्रभु हैं रसीले,

तू मस्ती में जी ले......

श्याम नाम की महिमा को तो,

वेद पुराण बखाने,

गणिका गिद्ध अजामिल तर गये,

तर गये जीव सयाने,

धर्मी अधर्मी, ऋषि मुनि योगी,

नाम से हुये रसीले,

तू मस्ती में जी ले,

सांचा है दरबार श्याम का,

श्याम प्रभु हैं रसीले,

तू मस्ती में जी ले.......

श्याम कुटुंब में नाम लिखा,

स्थिरता तुम्हें मिलेगी,

पथ के कांटे फूल बने,

जीवन की बगिया सजेगी,

नंदू कर विश्वास प्रभु पर,

अब भी किस्मत सीले,

तू मस्ती में जी ले,

सांचा है दरबार श्याम का,

श्याम प्रभु हैं रसीले,

तू मस्ती में जी ले......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।