छम छम नाचे राधा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

छम छम नाचे राधा,

मुरली श्याम बजाते हैं,

छम छम नाचे राधा,

मुरली श्याम बजाते हैं

बड़े ही प्यारे लगते,

जब ये रास रचाते हैं,

बड़े ही प्यारे लगते,

जब ये रास रचाते हैं......

आज तो बरसाना नगरी के,

भक्तों अजब नजारे,

आज तो बरसाना नगरी के,

भक्तों अजब नजारे,

रास देखने आ गये इनका,

लोग गांव के सारे,

भाव विभोर देख कर इनका,

वो खो जाते हैं,

बड़े ही प्यारे लगते,

जब ये रास रचाते हैं,

बड़े ही प्यारे लगते,

जब ये रास रचाते हैं......

इतनी प्यारी धुन तो,

श्याम ने कभी बजाई ना थी,

सुध बुध भूल गई है राधा,

इतनी जोर से नाची,

पायल के घुंघरू भी,

इनके टूट ही जाते हैं,

बड़े ही प्यारे लगते,

जब ये रास रचाते हैं,

बड़े ही प्यारे लगते,

जब ये रास रचाते हैं......

राधेश्याम के प्रेम की भक्तों,

हो गई अमर कहानी,

राधा इनको बोले ना कोई,

बोले श्याम दीवानी,

जो सच्ची हो प्रीत,

अमर प्रेमी हो जाते हैं,

बड़े ही प्यारे लगते,

जब ये रास रचाते हैं,

बड़े ही प्यारे लगते,

जब ये रास रचाते हैं......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।