सांवरे को किसने सजा दिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जय श्री श्याम

बाबा जब भी सजतें हैं, बेहतर से बेहतर सजतें हैं,

तो हर किसी के दिल में एक ही सवाल आता है,

आइये ज़रा करते हैं..….

सांवरे को किसने सजा दिया,

सांवरे को किसने सजा दिया,

कानों में कुंडल पहनाके,

केसर चंदन तिलक लगाके,

कानों में कुंडल पहनाके,

केसर चंदन तिलक लगाके,

सबको दर्श दिखा दिया,

सांवरे को किसने सजा दिया,

सांवरे को किसने सजा दिया,

बाबाजी को किसने सजा दिया…….

पहले पहले पर्दा लगाया,

गंगाजल से इन्हें नहलाया,

पहले पहले पर्दा लगाया,

गंगाजल से इन्हें नहलाया,

ठोडी पे ठोडी के नीचे,

महकता इत्र लगा दिया,

सांवरे को किसने सजा दिया,

सांवरे को किसने सजा दिया,

बाबाजी को किसने सजा दिया…….

सर पे मुकुट सजाया प्यारा,

सांवरिया लगता बड़ा प्यारा,

सर पे मुकुट सजाया प्यारा,

सांवरिया लगता बड़ा प्यारा,

रंग बिरंगे बागे से,

सांवरे को बनड़ा बना दिया,

सांवरे को किसने सजा दिया,

सांवरे को किसने सजा दिया,

बाबाजी को किसने सजा दिया…….

छप्पन भोग बनाके रखेंगें,

श्याम प्रभु फिर उसको चखेंगें,

छप्पन भोग बनाके रखेंगें,

श्याम प्रभु फिर उसको चखेंगें,

श्याम धनी को राज़ी करदे,

पूरा जोर लगा दिया,

सांवरे को किसने सजा दिया,

सांवरे को किसने सजा दिया,

बाबाजी को किसने सजा दिया…….

भक्त सजे भगवान सजे हैं,

श्याम की जय जय जयकार लगे है,

भक्त सजे भगवान सजे हैं,

श्याम की जय जय जयकार लगे है,

मित्तल श्याम सजा के रखता,

उसको श्याम सजा के रखता,

जो भी श्याम सजा गया,

सांवरे को किसने सजा दिया,

सांवरे को किसने सजा दिया,

बाबाजी को किसने सजा दिया…….

सांवरे को किसने सजा दिया,

सांवरे को किसने सजा दिया,

कानों में कुंडल पहनाके,

केसर चंदन तिलक लगाके,

कानों में कुंडल पहनाके,

केसर चंदन तिलक लगाके,

सबको दर्श दिखा दिया,

सांवरे को किसने सजा दिया,

सांवरे को किसने सजा दिया,

बाबाजी को किसने सजा दिया…….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।