श्याम की बेटी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरे नाम से जानी जाऊं,

वो पहचान चाहिए,

मुझे भी श्याम की बेटी,

होने का मान चाहिए,

तेरे नाम से जानी जाऊं,

वो पहचान चाहिए,

मुझे भी श्याम की बेटी,

होने का मान चाहिए,

मुझे भी खाटू वाले की,

बेटी का मान चाहिए......

दर्शन चाहूं सदा,

श्याम गुण गाऊं मैं,

तेरे दरबार की बाबा,

पहरी बन जाऊं मैं,

बस छोटा सा ये तेरा,

एहसान चाहिए,

मुझे भी श्याम की बेटी,

होने का मान चाहिए,

मुझे भी खाटू वाले की,

बेटी का मान चाहिए......

हारे का सहारा तू,

मैं बेसहारा हूं,

तूफानों में है कश्ती,

आ दे किनारा तूं,

जैसे गले लगाया सबको,

वो परवान चाहिए,

मुझे भी श्याम की बेटी,

होने का मान चाहिए,

मुझे भी खाटू वाले की,

बेटी का मान चाहिए.....

तू कृष्ण दुलारा है,

तू शीश का दानी है,

भरोसा तेरा ऐसा,

कोई जाये ना खाली है,

प्रेमियों को बस तेरा,

गुणगान चाहिए,

राजू को तो बस तेरा,

गुणगान चाहिए,

मुझे भी श्याम की बेटी,

होने का मान चाहिए,

मुझे भी खाटू वाले की,

बेटी का मान चाहिए......

तेरे नाम से जानी जाऊं,

वो पहचान चाहिए,

मुझे भी श्याम की बेटी,

होने का मान चाहिए,

तेरे नाम से जानी जाऊं,

वो पहचान चाहिए,

मुझे भी श्याम की बेटी,

होने का मान चाहिए,

मुझे भी खाटू वाले की,

बेटी का मान चाहिए......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।