श्याम सलूणा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम सलूणा थे ही म्हारी,

ज़िन्दगी जी,

ओ जी म्हाने था बिन,

कुछ ना चैन,

कस कर बांधों,

प्रीत की डोरड़ी जी,

ऐ जी म्हाने था बिन,

कुछ ना चैन.....

रूप सलूणो नैणा,

रच रह्यो जी,

ऐ जी म्हारा था से,

लड़ गया नैण,

हर पल रहीज्यो,

नैणा जी कोटड़ी जी,

ऐ जी म्हाने था बिन,

कुछ ना चैन......

प्रेम विरह को दुखड़ो,

के कहवां जी,

ऐ जी म्हारा सूखा,

पड़ गया जी नैन,

छटपट तड़पे,

मनडे री मोरड़ी जी,

ऐ जी म्हाने था बिन,

कुछ ना चैन......

म्हारी मेहर बिन,

नैया ना चले जी,

ऐ जी थे तो समझो,

असुवन सैन,

नंदू आदत पड़ गई जी,

ओरड़ी जी,

ऐ जी म्हाने था बिन,

कुछ ना चैन.......

श्याम सलूणा थे ही म्हारी,

ज़िन्दगी जी,

ओ जी म्हाने था बिन,

कुछ ना चैन,

कस कर बांधों,

प्रीत की डोरड़ी जी,

ऐ जी म्हाने था बिन,

कुछ ना चैन......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।