तेरे दर्शन करने आंऊ लोग कहे जय माता दी

नरेन्द्र चंचल
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तेरे दर्शन करने आंऊ लोग कहे जय माता दी,

तेरे दर्शन करके जाऊं लोग कहे जय माता दी,

लोग कहे जय माता दी लोग कहे जय माता दी,

तेरे दर्शन करने आंऊ लोग कहे जय माता दी,

तेरे दर्शन करके जाऊं लोग कहे जय माता दी...

ऊंची लम्बी तेरी चढा़ई पहले बहुत डराती है,

सब को देने वाली सहारा बाँह पकङ ले जाती है,

बाँह पकङ ले जाती है,

जब भी कदम मै बढाऊ आगे लोग कहे जय माता दी,

लोग कहे जय माता दी ,

लोग कहे जय माता दी,

तेरे दर्शन करने आंऊ लोग कहे जय माता दी,

तेरे दर्शन करके जाऊं लोग कहे जय माता दी...

कर्मो वाले ही दाती पौङी तेरी चढ़ पाते है ,

पौङी तेरी चढ़ पाते है,

स्वर्ग से लगदी है ये सीढी देवता आते जाते है ,

देवता अाते जाते है ,

आता जाता शीश झुकाऊ लोग कहे जय माता दी,

लोग कहे जय माता दी,

लोग कहे जय माता दी,

तेरे दर्शन करने आंऊ लोग कहे जय माता दी,

तेरे दर्शन करके जाऊं लोग कहे जय माता दी...

माँ के इस जयकारे मे ही सब वेदो का सार है ,

सब वेदो का सार है,

शक्ति के जयकारे मे ही शक्ति माँ की आपार है,

शक्ति माँ की आपार है,

शक्ति माँ की आपार है,

जब तेरा जयकारा बुलाऊ लोग कहे जय माता दी,

लोग कहे जय माता दी ,

लोग कहे जय माता दी,

तेरे दर्शन करने आंऊ लोग कहे जय माता दी,

तेरे दर्शन करके जाऊं लोग कहे जय माता दी...

जो भी माँ का ध्यान लगाये माँ के ध्यान मे आता है,

माँ के ध्यान मे आता है,

जो गुण भोली माँ के गांये वो गुणवान हो जाता है,

वो गुणवान हो जाता है ,

वो गुणवान हो जाता है ,

जब जब तेरी भेटे गांऊ लोग कहे जय माता दी,

लोग कहे जय माता दी लोग कहे जय माता दी,

तेरे दर्शन करने आंऊ लोग कहे जय माता दी

तेरे दर्शन करके जाऊं लोग कहे जय माता दी...

जगमग जोती लागे जैसे मैया पास बुलाती है,

मैया पास बुलाती है,

तन पे पङे उजाला लागे ज्वाला गले लगाती है,

ज्वाला गले लगाती है ,

ज्वाला गले लगाती है ,

जब भी तेरी जोत जगाऊ लोग कहे जय माता दी,

लोग कहे जय माता दी लोग कहे जय माता दी,

तेरे दर्शन करने आंऊ लोग कहे जय माता दी,

तेरे दर्शन करके जाऊं लोग कहे जय माता दी...

फूलो जैसे फूला रानी बच्चो को सभांल रही ,

बच्चो को सभांल रही,

पग पग माँ शेरावाली विपदा सब की टाल रही,

विपदा सब की टाल रही,

विपदा सब की टाल रही,

अतुल मैया के दर्शन पांऊ लोग कहे जय माता दी,

लोग कहे जय माता दी लोग कहे जय माता दी,

तेरे दर्शन करने आंऊ लोग कहे जय माता दी,

तेरे दर्शन करके जाऊं लोग कहे जय माता दी...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।