तेरे आगे ना चली कोई भी फरियाद

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

( जाने वाले तेरी याद में आसु भर आये आँख,

अब वो चेहरा है नही प्यार था जिन राहो मे ॥ )

काल बली सुन देवता तु बड़ा बलवान है,

तेरे आगे ना चली कोई भी फरियाद है,

रावण तो विद्धान था दशो दिशा का ज्ञान था,

मारा तीर कमान से हो ॥

द्वापुर में पाण्डव हुये वो बड़े बलवान थे,

भीम और अर्जुन सुनो अदभुत जिनके वाण थे,

काल का बादल छा गया उनको भी वो खा गया,

रहा ना नामो निशान भी हो ॥

जो जन्म लेगा यहा वो तो एक दिन जायेगा,

लाख रोकोगे मगर वो नही रुक पायेगा,

रोहताश तु भी जायेगा वो समय जब आएगा,

स्पृषठी का विद्यान भी हो ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।