मेरा राधे कुंज बिहारी नटवर नागर गिरधारी

पारंपरिक
महादेव भजन कृष्ण भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

गोवर्धन धारा गिरधर ने,

गोकुल गांव बचाया,

जब इंद्र देव की एक चली ना,

शिव चरणों में धाया,

शिव मुस्काये ध्यान लगाये,

इंद्र यहां क्यों आया,

बैर लिया है स्वयं हरि से,

अब पछतावन आया,

मेरा राधे कुंज बिहारी,

नटवर नागर गिरधारी,

मेरा राधे कुंज बिहारी,

नटवर नागर लीलाधारी.....

जब जब होती धर्म की हानि,

हरि लेते अवतार,

जुग जुग की है अमर कथा ये,

जाने सब संसार,

जब जब होती धर्म की हानि,

हरि लेते अवतार,

जुग जुग की है अमर कथा ये,

जाने सब संसार,

हो मेरा राधे कुंज बिहारी,

नटवर नागर गिरधारी,

मेरा राधे कुंज बिहारी,

नटवर नागर लीलाधारी......

द्वापर देव दुलारे कृष्णा,

कंस काल में आये,

त्राहिमाम थी प्रजा बृज की,

कृष्ण ने कष्ट मिटाये,

द्वापर देव दुलारे कृष्णा,

कंस काल में आये,

त्राहिमाम थी प्रजा बृज की,

कृष्ण ने कष्ट मिटाये,

हो मेरा राधे कुंज बिहारी,

नटवर नागर गिरधारी,

मेरा राधे कुंज बिहारी,

नटवर नागर लीलाधारी......

श्री कृष्ण गोविंद मुरारी,

जप ले भज ले प्यारे,

नाथ नारायण वासुदेव है,

जग से तारण हारे,

श्री कृष्ण गोविंद मुरारी,

जप ले भज ले प्यारे,

नाथ नारायण वासुदेव है,

जग से तारण हारे,

हो मेरा राधे कुंज बिहारी,

नटवर नागर गिरधारी,

मेरा राधे कुंज बिहारी,

नटवर नागर लीलाधारी......

हो मेरा राधे कुंज बिहारी,

नटवर नागर गिरधारी,

मेरा राधे कुंज बिहारी,

नटवर नागर लीलाधारी,

हो मेरा राधे कुंज बिहारी,

नटवर नागर गिरधारी,

मेरा राधे कुंज बिहारी,

नटवर नागर लीलाधारी……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।