श्याम चूडी बेचने आया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम चूडी बेचने आया,अरे चूडी बेचने आया

कही लेलो कहे पेहनो मैं खुद पहनाने आया,

श्याम चूडी बेचने आया........

इस चूड़ी का मोल नही है मेरी चूड़ी है अनमोला,

प्रेम ही भाव सुनाया,श्याम चूड़ी वेचने आया...

श्याम बात को मानो प्यारी,अपनी बाह थामदो गोरी,

श्याम ने हाथ दबाया श्याम चूड़ी वेचने आया.....

श्यामा चूड़ी जिसने पेहनी,पहन के चूड़ी हाथो में खनकी,

टूटी मोह की छाया श्याम चूड़ी वेचने आया.......

शर्मा ती सकू चांदी राधे,प्रेम भाव से भोली राधे,

श्याम रंग ही बाया श्याम चूड़ी वेचने आया,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।