गौरा ने बाजी मारी

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

एक दिन शिव शंकर गौरा,

चौपड़ खेलें साथ,

एक दिन शिव शंकर गौरा,

चौपड़ खेलें साथ,

गौरा ने बाजी मारी,

हार गये भोले नाथ,

गौरा ने बाजी मारी,

हार गये भोले नाथ......

शंकर जी ने दाव लगाया

है चन्दा,

चंदा भी हारे,

हार गये है शिव गंगा,

गौरा हंस कर बोली,

स्वामी, खेलो होश सम्भाल,

गौरा ने बाजी मारी,

हार गये भोले नाथ,

गौरा ने बाजी मारी,

हार गये भोले नाथ......

शिव जी ने दाव लगायी,

है मुंडमाला,

वो भी हारे,

हार गये हैं, मृगछाला,

गौरा हंस कर बोली,

स्वामी, खेलो होश सम्भाल,

गौरा ने बाजी मारी,

हार गये भोले नाथ,

गौरा ने बाजी मारी,

हार गये भोले नाथ......

शिव जी ने दाव लगाया,

है डमरू,

वो भी हारे,

हार गये है पग घुँघरू,

गौरा हंस कर बोली,

स्वामी, खेलो होश सम्भाल,

गौरा ने बाजी मारी,

हार गये भोले नाथ,

गौरा ने बाजी मारी,

हार गये भोले नाथ.....

शंकर जी ने दाव लगाया,

बम भोला,

वो भी हारे,

हार गये है शिव गौरा,

गौरा हंस कर बोली,

स्वामी, खेलो होश सम्भाल,

गौरा ने बाजी मारी,

हार गये भोले नाथ,

गौरा ने बाजी मारी,

हार गये भोले नाथ......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।