मेरा सांवरा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बन के मां पाले,

पिता की तरह संभाले,

बन के मां पाले,

पिता की तरह संभाले,

कदम कदम पे,

मेरा सांवरा,

बन के मां पाले,

पिता की तरह संभाले,

बन के मां पाले,

पिता की तरह संभाले,

कदम कदम पे,

मेरा सांवरा......

सुखों में संवारता,

दुखों में ध्यान है धरता,

कदम कदम पे,

मेरा सांवरा,

बन के मां पाले,

पिता की तरह संभाले,

कदम कदम पे,

मेरा सांवरा......

प्रेमी निकलता है जब,

अपने घर से,

ओझिल ना होने देता,

अपनी नज़र से,

रास्तों के कांटे सभी,

चुन लेता है,

सदा प्रेमियों की अपने,

सुन लेता है,

संकट काटे,

भंवर से नाव निकाले,

कदम कदम पे,

मेरा सांवरा,

बन के मां पाले,

पिता की तरह संभाले,

कदम कदम पे,

मेरा सांवरा.....

समझता है केवल कान्हा,

प्रेम की भाषा,

सच्चे हृदय के भावों का,

श्याम प्यासा,

मांगता नहीं ये दौलत,

महलों अटारी,

देखता है मन की कैसी,

भावना तुम्हारी,

हर ले अंधेरा,

नसीब जगा दे तेरा,

कदम कदम पे,

मेरा सांवरा,

बन के मां पाले,

पिता की तरह संभाले,

कदम कदम पे,

मेरा सांवरा......

दातार ऐसा नहीं,

देखा जमाने में,

खुश हो रहा है,

केवल आंसू बहाने में,

एक थान देखा है,

बस एक द्वारा,

जहां मिल रहा है,

हारे लोगों को सहारा,

बाहों में भर ले,

पार भव सागर कर दे,

कदम कदम पे,

मेरा सांवरा,

बन के मां पाले,

पिता की तरह संभाले,

कदम कदम पे,

मेरा सांवरा.....

कदम कदम पे,

मेरा सांवरा,

बन के मां पाले,

पिता की तरह संभाले,

कदम कदम पे,

मेरा सांवरा,

सुखों में संवारता,

दुखों में ध्यान है धरता,

कदम कदम पे,

मेरा सांवरा,

बन के मां पाले,

पिता की तरह संभाले,

कदम कदम पे,

मेरा सांवरा......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।