धीरज बांध के अर्ज लगा ले

संजय मित्तल
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

धीरज बांध के अर्ज लगा ले,

तेरो जन्म सुधर जासी,

धीरज बांध के अर्ज लगा ले,

तेरो जन्म सुधर जासी,

खाटू आया जाया कर तू,

प्रेम को सौदो पट ज्यासी,

धीरज बांध के अर्ज लगा ले,

तेरो जन्म सुधर जासी.....

ज्यूं ज्यूँ खाटू जावगो तू,

बिना किसी दरकार के,

त्यूं त्यूं प्रेम बढ़ेगो तेरो,

श्याम धनी सरकार से,

ऐ की यारी मिली जो प्यारे,

मौज सू जीवन कट जासी,

धीरज बांध के अर्ज लगा ले,

तेरो जन्म सुधर जासी,

धीरज बांध के अर्ज लगा ले,

तेरो जन्म सुधर जासी.......

माया घणी लुटावे बाबो,

प्रीत में करतो देर जी,

एक बेर जो बंध गई डोरी,

रात ने करे सवेर जी,

श्याम चरण में मिटा ले हस्ती,

दुख में सुख तन दिख जासी,

धीरज बांध के अर्ज लगा ले,

तेरो जन्म सुधर जासी,

धीरज बांध के अर्ज लगा ले,

तेरो जन्म सुधर जासी.......

तेरा तुझ में कुछ नहीं प्यारे,

जो कुछ है सब श्याम का,

ललित क्यों फिर तू,

मालिक बनता,

तू सेवक बन श्याम का,

श्याम नाम की रटन लगा तूं,

तेरो अगलो पिछलो,

सुधर जासी,

धीरज बांध के अर्ज लगा ले,

तेरो जन्म सुधर जासी,

धीरज बांध के अर्ज लगा ले,

तेरो जन्म सुधर जासी......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।