योगेश्वराय महादेवाय

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

ॐ

योगेश्वराय महादेवाय योगेश्वराय महादेवाय

योगेश्वराय महादेवाय

महादेवाय नम:

महादेवाय नम:

महादेवाय नम:

योगेश्वराय महादेवाय त्रंबकाय त्रिपुरान्तकाय

योगेश्वराय महादेवाय त्रंबकाय त्रिपुरान्तकाय

त्रिकाग्नि कालाय कालाग्निरुद्रया नीलकण्ठाय,मृत्यंजयाय

त्रिकाग्नि कालाय कालाग्निरुद्रया नीलकण्ठाय मृत्यंजयाय

सर्वेश्वराय सदाशिवाय

सर्वेश्वराय,सदाशिवाय

सर्वेश्वराय सदाशिवाय

सर्वेश्वराय सदाशिवाय

योगेश्वराय महादेवाय त्रंबकाय त्रिपुरान्तकाय

योगेश्वराय महादेवाय त्रंबकाय त्रिपुरान्तकाय

त्रिकाग्नि कालाय,कालाग्निरुद्रया नीलकण्ठाय मृत्यंजयाय

त्रिकाग्नि कालाय कालाग्निरुद्रया नीलकण्ठाय मृत्यंजयाय

सर्वेश्वराय सदाशिवाय

सर्वेश्वराय सदाशिवाय

सर्वेश्वराय सदाशिवाय

सर्वेश्वराय सदाशिवाय

महादेवाय नम:

महादेवाय नम:

महादेवाय नम:

महादेवाय नम:

योगेश्वराय महादेवाय त्रंबकाय त्रिपुरान्तकाय

योगेश्वराय महादेवाय त्रंबकाय त्रिपुरान्तकाय

त्रिकाग्नि कालाय कालाग्निरुद्रया नीलकण्ठाय मृत्यंजयाय

त्रिकाग्नि कालाय कालाग्निरुद्रया नीलकण्ठाय मृत्यंजयाय

सर्वेश्वराय सदाशिवाय

सर्वेश्वराय सदाशिवाय

सर्वेश्वराय सदाशिवाय

सर्वेश्वराय सदाशिवाय

महादेवाय नम:

महादेवाय नम:

महादेवाय नम:

महादेवाय नम:

योगेश्वराय महादेवाय त्रंबकाय त्रिपुरान्तकाय

योगेश्वराय महादेवाय त्रंबकाय त्रिपुरान्तकाय

त्रिकाग्नि कालाय कालाग्निरुद्रया नीलकण्ठाय मृत्यंजयाय

त्रिकाग्नि कालाय कालाग्निरुद्रया नीलकण्ठाय मृत्यंजयाय

सर्वेश्वराय सदाशिवाय

सर्वेश्वराय सदाशिवाय

सर्वेश्वराय सदाशिवाय

सर्वेश्वराय सदाशिवाय

महादेवाय नम:

महादेवाय नम:

महादेवाय नम:

महादेवाय नम:

महादेवाय नम:

महादेवाय नम:

महादेवाय नम:

महादेवाय नम:

महादेवाय नम:

महादेवाय नम:

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।