दिवाना हुआ खाटू वाले का

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बाबा मैं दर तेरे आया,

सुन के ने तेरी माया,

दिल में उमंग पूरी भर के,

दिवाना हुआ खाटू वाले का,

बाबा मैं दर तेरे आया,

सुन के ने तेरी माया,

दिल में उमंग पूरी भर के,

दिवाना हुआ खाटू वाले का,

दिवाना हुआ खाटू वाले का....

हो तेरी भोली सूरत ने,

दिल मेरा लूटा,

तुझपे भरोसा बाकी,

संसार झूठा,

हो तेरी भोली सूरत ने,

दिल मेरा लूटा,

तुझपे भरोसा बाकी,

संसार झूठा,

बाबा तेरी नगरी में,

भक्तों का मेला,

आग्या तेरे पास छोड़,

दुनिया का झमेला,

बाबा मैं दर तै आया,

सुन के ने तेरी माया,

दिल में उमंग पूरी भर के,

दिवाना हुआ खाटू वाले का,

दिवाना हुआ खाटू वाले का.....

ओ बिखरी मेरी जिंदगी को,

तुमने ही संजोया,

जैसे टूटी माला को,

धागे में पिरोया,

ओ बिखरी मेरी जिंदगी को,

तुमने ही संजोया,

जैसे टूटी माला को,

धागे में पिरोया,

लाख कमाके फिर भी,

सब कुछ गंवाया,

खाई जब जब ठोकर,

सीने से लगाया,

बाबा मैं दर तै आया,

सुन के ने तेरी माया,

दिल में उमंग पूरी भर के,

दिवाना हुआ खाटू वाले का,

दिवाना हुआ खाटू वाले का......

ओ मुझे अपने दफ्तर का,

नौकर बनालो,

पगार नहीं मांगूंगा बाबा,

मुझे अपना लो,

ओ मुझे अपने दफ्तर का,

नौकर बनालो,

पगार नहीं मांगूं बाबा,

मुझे अपना लो,

बोझ मेरे कांधे पे,

कितना ही रखना,

करूं तेरी सेवा मैं,

अब नहीं रुकना,

बाबा मैं दर तै आया,

सुन के ने तेरी माया,

दिल में उमंग पूरी भर के,

दिवाना हुआ खाटू वाले का,

दिवाना हुआ खाटू वाले का.....

ओ ‘ठाकुर नितिन’ बाबा,

तेरी भक्ति में खोया,

‘ए के गर्ग अंकित’ का,

मन तूने मोहा,

ओ ठाकुर नितिन बाबा,

तेरी भक्ति में खोया,

ए के गर्ग अंकित का,

मन तूने मोहा,

तेरे बिना बाबा,

अब ना गुजारा,

यू डी राणा को बनाले,

अपना दुलारा,

बाबा मैं दर तै आया,

सुन के ने तेरी माया,

दिल में उमंग पूरी भर के,

दिवाना हुआ खाटू वाले का.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।