छायो घर घर में आनंद

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

छायो घर घर में आनंद,

भूप घर कन्या जन्मी है,

छायो घर घर में आनंद,

भूप घर कन्या जन्मी है.....

एकादशी से दो दिन पहले,

एकादशी से दो दिन पहले,

फागुन की अमावस से पहले,

फागुन की अमावस से पहले,

ए जी कोई शिव चौदस के दिन,

उमा धरती पर आई है,

उमा धरती पर आई है,

छायो घर घर में आनंद,

भूप घर कन्या जन्मी है......

राजा ने पंडित बुलावाये,

हवन यज्ञ करवाये,

राजा ने पंडित बुलावाये,

हवन यज्ञ करवाये,

ऐ जी कोई कर रहे,

यज्ञ और जाप,

उमा को नाम धरायो है,

छायो घर घर में आनंद,

भूप घर कन्या जन्मी है.......

पहलो नाम उमा रखवायो,

पहलो नाम उमा रखवायो,

दूजो नाम रमा रखवायो,

ए जी कोई तीजे शिव की नार,

चौथे हवन रचायो है,

छायो घर घर में आनंद,

भूप घर कन्या जन्मी है......

सयानी भई नोरते किन्हीं,

फूल लाय के पूजा किन्हीं,

पर्वत ऊपर पूजा किन्हीं,

पति मिले शिव कैलाश,

छायो घर घर में आनंद,

भूप घर कन्या जन्मी है.....

उमा धरती पर आई है,

उमा धरती पर आई है,

छायो घर घर में आनंद,

भूप घर कन्या जन्मी है,

छायो घर घर में आनंद,

भूप घर कन्या जन्मी है,

छायो घर घर में आनंद,

भूप घर कन्या जन्मी है.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।