खाटू वाले की शरण

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बोल शीश के दानी की जय

खाटू वाले श्याम,

खाटू वाले श्याम,

मैं तो हो गया तेरा दीवाना,

मैं तो हो गया तेरा दीवाना,

ओ खाटू वाले श्याम तेरे,

दर्शन को तरसता हूं,

ओ खाटू वाले श्याम तेरे,

दर्शन को तरसता हूं,

मैं तो होग्या तेरा दीवाना,

बस तुझपे ही मरता हूं,

मैं तो हो गया तेरा दीवाना,

बस तुझपे ही मरता हूं.....

मैं हार के बाबा दुनिया से,

तेरी शरण में आया हूं,

मुझे अपना बना लो,

मैं दुनिया ने बड़ा सताया हूं,

ओ तेरी मुस्कान देखके बाबा,

मैं मुस्काता हूं,

मैं तो हो गया तेरा दीवाना,

बस तुझपे ही मरता हूं,

मैं तो हो गया तेरा दीवाना,

बस तुझपे ही मरता हूं.......

तेरा भक्त पुकारे बाबा,

रींगस के मोड़ पे,

मेरा हाथ पकड़ के लेजा,

तू मत जाना छोड़ के

तेरा भक्त पुकारे बाबा,

रींगस के मोड़ पे,

मेरा हाथ पकड़ के लेजा,

तू मत जाना छोड़ के,

ओ तेरे इंसान पे अब तो,

भरोसा करने से डरता हूं,

मैं तो हो गया तेरा दीवाना,

बस तुझपे ही मरता हूं,

मैं तो हो गया तेरा दीवाना,

बस तुझपे ही मरता हूं......

‘नितिन ठाकुर’ सेवक है तेरा,

तुझे मनाने आया,

ओ यू ही राणा गावे गीत,

सब तेरी ही माया,

नितिन ठाकुर सेवक है तेरा,

तुझे मनाने आया,

ओ यू डी राणा गावे गीत,

सब तेरी ही माया,

ए के अंकित के संग,

पूजा तेरी करता हूं,

मैं तो हो गया तेरा दीवाना,

बस तुझपे ही मरता हूं,

मैं तो हो गया तेरा दीवाना,

बस तुझपे ही मरता हूं,

खाटू वाले की जय.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।