भोलेनाथ शिव शंकर का गुणगान

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

हम भोलेनाथ शिव शंकर का गुणगान करते हैं,

हम भोलेनाथ शिव शंकर का गुणगान करते हैं,

सुबह-सुबह शंभू का हम ध्यान करते हैं,

सुबह शाम शंभू का हम ध्यान करते हैं,

ओम नमः शिवाय ओम नमः शिवाय,

ओम नमः शिवाय ओम नमः शिवाय.....

उनके ही चरणों की पूजा करने लगे हैं,

उनके ही नाम का माला जपने लगे हैं,

रोज-रोज सबसे पहले यह काम करते हैं,

रोज-रोज सबसे पहले यह काम करते हैं,

सुबह शाम शंभू का हम ध्यान करते हैं,

सुबह शाम शंभू का हम ध्यान करते हैं,

ओम नमः शिवाय ओम नमः शिवाय,

ओम नमः शिवाय ओम नमः शिवाय......

जीवन का हर क्षण, रहे भगवन में मगन,

बस विनती है प्रभु लगा रहे भक्ति में मेरा मन,

कांवरिया बन हर साल प्रभु तेरा धाम करते हैं,

कांवरिया बन हर साल प्रभु तेरा धाम करते हैं,

सुबह शाम शंभू का हम ध्यान करते हैं,

सुबह शाम शंभू का हम ध्यान करते हैं,

ओम नमः शिवाय ओम नमः शिवाय,

ओम नमः शिवाय ओम नमः शिवाय.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।