स्वामी टेऊॅंराम जहिड़ों दातारु ब्यो॒ को नाहे

पारंपरिक
श्री राम भजन गुरुदेव भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

स्वामी टेऊॅंराम जहिड़ों, दातारु ब्यो॒ को नाहे,

दुख दर्द सभ मिटाए गमटारु ब्यो॒ को नाहे,

आधार ब्यो॒ को नाहे....

अड़यनि जो आ आधारो, निब॒लनि जो ब॒लु आ सांई,

दीननि दुख्यनि जो जग में आधारु ब्यो॒ को नाहे.....

टिन ताप पंज कलेशनि विषयुन पंजनि तपायो,

दिल ततल खे जो ठारे, दिलठारु ब्यो॒ को नाहे.....

अवगुण दि॒से न कंहिंजा (दाता) दृष्टी दया जी धारे,

अहिड़ी महर मया जो भण्डारु ब्यो॒ को नाहे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।