शिरडी के साईं दया निधान

पारंपरिक
महादेव भजन साईं भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

साई का गाये गुणगान,

भक्तहृदालक प्रभु को प्रणाम....

शिरडी के साई दया निधान,

हो दाता तुम हो बड़े महान,

हो शिव का ही तो रूप तुम्हारा,

गाये सभी गुणगान,

शिरडी के साई दया निधान......

मानवता के तुम रखवारे,

हो मानवता के तुम रखवारे,

पूजे तुम्हे संसार,

शिरडी के साई दया निधान.....

तुम ही मेरे दर्द सवारों,

हो तुम ही मेरे दर्द सवारों,

नैय्या करा दो पार,

शिरडी के साई दया निधान......

मंदिर मस्जिद भेद ना जाने,

हो मंदिर मस्जिद भेद ना जाने,

सबके बनाये काम,

शिरडी के साई दया निधान......

श्रद्धा सबुरी तन से लगाऊ,

भाव सागर करू पार,

शिरडी के साई दया निधान......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।