नया साल खाटू में मनाने

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जय हो जय हो जय हो

श्री श्याम तुम्हारी

रंग लाल गुलाल ले पिचकारी,

खाटू आते सब नर नारी,

नया साल खाटू में मनाने,

सबसे पहले दर्शन पाने,

जय हो जय हो जय हो,

श्री श्याम तुम्हारी.....

साल का ये पहला दिन बाबा,

जो भी तेरे साथ मनाता,

सारा साल खुशियां ही खुशियां,

दुख का साया पास ना आता,

ढोल बजा के नाचने गाने,

आते हैं नया साल मनाने,

जय हो जय हो जय हो,

श्री श्याम तुम्हारी....

भक्तों का बस मन ये चाहिए,

हर दिन नया साल बन जाए,

खाटू में ही रहे बसेरा,

ऐसे रोज़ सब ख़ुशियाँ मनाएं,

जो तेरी मर्जी हो बाबा,

हर ग्यारस नया साल मनायें,

जय हो जय हो जय हो,

श्री श्याम तुम्हारी......

कई दिनो पहले ही बाबा,

भगत लगा लेते है डेरा,

तेरे रंग में रंगके सब भूले,

होती रात कब होता सवेरा,

विजयराज भी डाल के बैठा,

खाटू की गलियों में डेरा,

जय हो जय हो जय हो,

श्री श्याम तुम्हारी......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।