हाथ जोड़ विनती करु धरूँ चरण में शीश

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हाथ जोड़ विनती करु धरूँ चरण में शीश,

ज्ञान भक्ति मोहे दीज्यो परम पिता जगदीश,

जय श्री श्याम जय श्री श्याम,

मिलकर बोलो जय श्री श्याम.....

तेरा तुझको सौंपता अपना स्वामी जान,

कर लोगे स्वीकार तो बढ़ेगा मेरा मान,

जय श्री श्याम जय श्री श्याम,

मिलकर बोलो जय श्री श्याम....

तुम्हारी शक्ति के बिना हिले न तरुवर पात,

जो प्रभु चाहो आप हो दिन भी हो जाए रात,

जय श्री श्याम जय श्री श्याम,

मिलकर बोलो जय श्री श्याम....

सूरज को क्यों कर भला दीपक कोई दिखाये,

जो सारे संसार को चम् चम् है चमकाए,

जय श्री श्याम जय श्री श्याम,

मिलकर बोलो जय श्री श्याम.....

वो सूरज भी आपसे पाता है आधार,

कैसी महिमा मैं कहूं थारी लखदातार,

जय श्री श्याम जय श्री श्याम,

मिलकर बोलो जय श्री श्याम.....

मैं बालक अज्ञान हूं आप गुणन की खान,

अपनी शरण लगाइयो हे प्रभु दया निदान,

जय श्री श्याम जय श्री श्याम,

मिलकर बोलो जय श्री श्याम.....

तुच्छ मेरा प्रयास है करो नाथ स्वीकार,

त्रुटि अगर होवे कोई करना स्वयं सुधार,

श्याम प्यारे की जय खाटूवाले की जय,

बोलो बोलो प्रेमियो श्याम बाबा की जय.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।