राम का नाम कलयुग मे अनमोल है

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

राम का नाम कलयुग में अनमोल है,

मुरख नर भूल जाए तो में क्या करूं......

नर जवानी के मद में नहीं सोचता,

चार दिन में सभी रंग वो रंग डालता,

जानकर के तू गड्ढे में खुद गिर रहा,

फिर मुसीबत उठाये तो में क्या करूं,

राम का नाम कलयुग में अनमोल है.......

कुछ समय तु लगा के करे जो भजन,

छूट जाए सहज तेरा आवागमन,

लख चौरासी में तूं क्यों भटकता फिरे,

फिर यूं चक्कर लगाए तो में क्या करूं,

राम का नाम कलयुग में अनमोल है.......

लोग कहते है भगवान आते नही,

और आके वो दर्शन दिखाते नहीं,

राम के तू भजन बिन अकेला चला,

फिर समझ में न आए तो में क्या करूं,

राम का नाम कलयुग में अनमोल है......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।