मेरी बंधी राम संग डोर

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

राम राम बोलो जय जय राम,

राम राम बोलो जय जय राम,

राम राम बोलो जय जय राम,

राम राम बोलो जय जय राम.....

मेरी बंधी राम से डोर भजन में बैठ गई,

बैठ गई, जी बैठ गई,

मेरी बंधी राम से डोर भजन में बैठ गई......

भजन में बैठूं तो बेटा बोले,

कुछ करती धरती नाये भजन में बैठ गई,

मेरी बंधी राम से डोर भजन में बैठ गई,

मेरी बंधी राम से डोर भजन में बैठ गई......

राम राम बोलो जय जय राम,

राम राम बोलो जय जय राम.....

भजन पे बैठूं तो बहुअड़ बोले,

बहुअड़ बोले, बहुअड़ बोले,

मेरे लाल खिलाती नाये भजन में बैठ गई,

मेरी बंधी राम से डोर भजन में बैठ गई,

मेरी बंधी राम से डोर भजन में बैठ गई......

राम राम बोलो जय जय राम,

राम राम बोलो जय जय राम......

भजन में बैठूं तो बेटी बोले,

कुछ लेती देती नाये भजन में बैठ गई,

मेरी बंधी राम से डोर भजन में बैठ गई,

मेरी बंधी राम से डोर भजन में बैठ गई.....

भजन में बैठूं तो पोता बोले,

दादी पैसे देती नाये भजन में बैठ गई,

मेरी बंधी राम से डोर भजन में बैठ गई,

मेरी बंधी राम से डोर भजन में बैठ गई.....

भजन में बैठूं तो राजा बोले,

मेरी सुनती एक भी नाये भजन में गई,

मेरी बंधी राम से डोर भजन में बैठ गई,

मेरी बंधी राम से डोर भजन में बैठ गई.....

भजन करूं तो प्रभु मेरे बोले,

चरणों में मेरे आजा, तू सफल हो जायेगी,

चरणों में मेरे आजा, तू सफल हो जायेगी,

बैठ गई जी बैठ गई,

मेरी बंधी राम से डोर भजन में बैठ गई,

मेरी बंधी राम से डोर भजन में बैठ गई.....

राम राम बोलो जय जय राम,

राम राम बोलो जय जय राम…..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।