मिथिला में राम खेले होली

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

हो मिथिला में राम खेले होली मिथिला में.....

किन्न्का हाथ कनक पिचकारी,

अरे किन्न्का हाथ अबीर झोली मिथिला में,

हो मिथिला में राम खेले होली मिथिला में......

राम जी के हाथ कनक पिचकारी,

अरे सीता हाथ अबीर झोली मिथिला में,

हो मिथिला में राम खेले होली मिथिला में.....

किनका के भीझे पियर पीताम्बर

किनका भीझे कुसुम चुनरी

राम जी के भीझे पीयर पीताम्बर

सीता जी के भीझे कुसुम चुनरी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।