परवाह नहीं है मुझको

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

परवाह नहीं है मुझको,

चाहे जैसे भी हों हालत,

माता रानी की कृपा से,

बन जाती है हर बात....

शिशु सकल जगत है,

जगत जननी वही हैं मात,

ममतामयी हैं आंचल जिनका,

लुटाती हैं स्नेह की सौगात,

माता रानी की कृपा से,

बन जाती है हर बात,

परवाह नहीं है मुझको......

मुँह फेर कर जब अपने,

निभाना छोड़ देते हैं साथ,

संकट की उस घड़ी में,

थाम लेती हैं तब हाथ,

माता रानी की कृपा से,

बन जाती है हर बात,

परवाह नहीं है मुझको.....

आरजू है बस यही है,

गुणगान आपके मैं गाऊँ,

चरणों में शीश हो मेरा,

सदा आशीष आपका पाऊँ,

दया निधान हो आप ही,

आप ही हो दीनानाथ,

माता रानी की कृपा से,

राजीव बन जाती है हर बात,

परवाह नहीं है मुझको.......

©राजीव त्यागी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।