उठे तो राम बैठे तो राम

पारंपरिक
हनुमान जी भजन राम भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

राम राम राम राम राम राम राम,

राम राम राम राम राम राम राम.....

उठे तो बोले राम, बैठे तो बोले राम,

म्हारा मेहंदीपुर हनुमान, तेरी राम राम राम,

म्हारा सालासर हनुमान, तेरी राम राम राम,

राम राम राम राम राम राम राम,

राम राम राम राम राम राम राम…

उठे तो बोले राम, बैठे तो बोले राम,

दाढ़ी वाले हनुमान, तेरी राम राम राम,

बरकत…. वाले हनुमान तेरी राम राम राम,

राम राम राम राम राम राम राम,

राम राम राम राम राम राम राम…..

कोई भक्त नहीं है ऐसा, मेरे बालाजी के जैसा,

गावे दास भक्त गुण गान, बोले राम राम राम,

उठे तो बोले राम, बैठे तो बोले राम,

दाढ़ी वाले हनुमान, तेरी राम राम राम,

बरकत…. वाले हनुमान तेरी राम राम राम,

राम राम राम राम राम राम राम,

राम राम राम राम राम राम राम….

थारे नैना माही राम, थारे हृदय माही राम,

थारे रोम रोम में राम, थारी राम राम राम,

उठे तो बोले राम, बैठे तो बोले राम,

दाढ़ी वाले हनुमान, तेरी राम राम राम,

बरकत…. वाले हनुमान तेरी राम राम राम,

राम राम राम राम राम राम राम,

राम राम राम राम राम राम राम…….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।