रघुवीर चले छोटे वीर चले

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

रघुवीर चले, छोटे वीर चले,

चली जनक, दुलारी साथ में,

अब हुई गर्जना बादल की,

रघुवीर चले, छोटे वीर चले,

चली जनक, दुलारी साथ में,

अब हुई गर्जना बादल की......

आगे आगे राम चलत है,

पीछे लक्ष्मण भाई,

उन के पीछे चलत जानकी,

शोभा बरनी ना जाई,

सखी री शोभा बरनी ना जाई,

रघुवीर चले, छोटे वीर चले,

चली जनक, दुलारी साथ में,

अब हुई गर्जना बादल की......

रिमझिम रिमझिम मेघा बरसे,

पवन चले पुरवाई,

पेड़ के नीचे बैठे होंगे,

राम लखन दोनों भाई,

ओ रामा राम लखन दो भाई,

रघुवीर चले, छोटे वीर चले,

चली जनक, दुलारी साथ में,

अब हुई गर्जना बादल की.......

राम बिना मेरी सूनी अयोध्या,

लखन बिना ठकुराई,

सीता बिन मेरी सुनी रसोई,

कोन करे चतुराई,

ओ रामा कोन करे चतुराई,

रघुवीर चले, छोटे वीर चले,

चली जनक, दुलारी साथ में,

अब हुई गर्जना बादल की.........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।