भोले ये जीवन हमारा आपके चरणोँ में है

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले ये जीवन हमारा, आप के चरणों में है,

आप के चरणों में है, आप के चरणों में है,

दीन दुखियों का गुजारा, आप के चरणों मे है,

भोले ये जीवन हमारा, आप के चरणों में है......

आप की रहमत से मिलती, इज्जत की दो रोटियां,

आप की रहमत से मिलती, इज्जत की दो रोटियां,

हम गरीबो का गुजारा, आप के चरणों में है,

दीन दुखियों का गुजारा, आप के चरणों मे है,

भोले ये जीवन हमारा, आप के चरणों में है.......

क्या मुक्क्दर का भरोसा, साथ दे या ना भी दे,

क्या मुक्क्दर का भरोसा, साथ दे या ना भी दे,

मेरी किस्मत का सितारा, आप के चरणो मे है,

दीन दुखियों का गुजारा, आप के चरणों मे है,

भोले ये जीवन हमारा, आप के चरणों में है.......

मैं भला चिंता करूं क्यों, है भरोसा आप पर,

मैं भला चिंता करूं क्यों, है भरोसा आप पर,

मेरा ये परिवार सारा, आप के चरणों में है,

दीन दुखियों का गुजारा, आप के चरणों मे है,

भोले ये जीवन हमारा, आप के चरणों में है........

ये जहां तो है भिखारी, भोले के दर पे मांग ले,

ये जहां तो है भिखारी, भोले के दर पे मांग ले,

जन्नत और मुक्ति का द्वारा, आप के चरणों में है,

दीन दुखियों का गुजारा, आप के चरणों मे है,

भोले ये जीवन हमारा, आप के चरणों में है........

भोले ये जीवन हमारा, आप के चरणों में है,

आप के चरणों में है, आप के चरणों में है,

दीन दुखियों का गुजारा, आप के चरणों मे है,

भोले ये जीवन हमारा, आप के चरणों में है.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।