मेरा खाटूवाला दैई जावे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खाटू जी जान्ने रहने आं,

ते शाम तों सब कुज लैने आं,

कोई फिकर नी दुनियां दारी दा,

जो केहंदा कई जावे,

मेरा खाटू वाला दई जावे,

ते यार नज़ारे लई जावे.....

की केहणे मेरे बाबे दे,

एहदे वरगा कोई सहारा नां,

साड्डी जान एह्दे विच वस्दी ऐ,

एहदे तों वद्ध कोई प्यारा नां,

जो खाली दर ते आया सी,

अज्ज झोली भर भर लई जावे,

मेरा खाटू वाला दई जावे,

ते यार नज़ारे लई जावे.....

होई किरपा ऐसी साड्डे ते,

हुण पूरी बल्ले बल्ले ऐ,

जो सुपना सी कदे साड्डे लई,

ओ कार वी साड्डे थल्ले ऐ,

विच गरीबी छडगे जेहड़े,

हुण नेड़े नेड़े होई जावे,

मेरा खाटू वाला दई जावे,

ते यार नज़ारे लई जावे.....

की लफ्जां विच बयान करां,

बाबा तेरे उपकारां नू,

अज सेखे वाला काला वी,

लुटदा ऐ मौज बहारां नू,

जो दर्शन कर ले इक वारी,

ओ तेरा होके बह जावे,

मेरा खाटू वाला दई जावे,

ते यार नज़ारे लई जावे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।