हनुमान बली हो बजरंग बली

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

हनुमान बली हो बजरंग बली,

दोनु जोड़ू हाथ बाबा कद की खड़ी.....

कोण थारी माता कोण थारो बाप,

कोण थारो नाम धरयो हनुमान,

हनुमान बली हो बजरंग बली,

दोनु जोड़ू हाथ बाबा कद की खड़ी.....

अंजनी म्हारी माता पवन म्हारो बाप,

जयोतिष नै नाम धरयो हनुमान,

हनुमान बली हो बजरंग बली,

दोनु जोड़ू हाथ बाबा कद की खड़ी.....

काहे का मुकुट बाबा क्याहे का लंगोट,

काहे को जड़ों थारो हाथा का सोटा,

हनुमान बली हो बजरंग बली,

दोनु जोड़ू हाथ बाबा कद की खड़ी.....

सोने का मुकुट बाबा रेशम का लंगोट,

मोतियाँ जड़ों हे म्हारो हाथ का सोटा,

हनुमान बली हो बजरंग बली,

दोनु जोड़ू हाथ बाबा कद की खड़ी.....

पहर लो मुकुट बाबा बाँध लो लंगोट,

खूब घुमाओ बाबा हाथा को सोटा,

हनुमान बली हो बजरंग बली,

दोनु जोड़ू हाथ बाबा कद की खड़ी.....

कड़े थारी धाम बाबा कहे जगे ज्योत,

कड़े कटे थारे भगता को रोग,

हनुमान बली हो बजरंग बली,

दोनु जोड़ू हाथ बाबा कद की खड़ी.....

सालासर में धाम बाबा मेहंदीपुर में जगे ज्योत,

उड़े कटे म्हारे भगता का रोग,

हनुमान बली हो बजरंग बली,

दोनु जोड़ू हाथ बाबा कद की खड़ी.....

खीर चूरमे का लाऊं बाबा भोग,

हनुमान बली हो बजरंग बली,

दोनु जोड़ू हाथ बाबा कद की खड़ी.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।