छोटे से टूटे से घर में आये साँवरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

छोटे से टूटे से इस घर में आये हैं साँवरे,

छोटे से टूटे से इस घर में आये हैं साँवरे,

तुझको देख के नैन मेरे हुए हैं बावरे,

तुझको देख के नैन मेरे हुए हैं बावरे.......

अपने हाथों भोग लगाऊं मैं तुझे,

रूखा सूखा जो है खिलाऊं मैं तुझे,

मेरे मन के मंदिर में तू है श्याम जी,

सोच मुझे पागल ये दुनिया है हंसी....

सांवरिया कर दया सांवरिया,

सांवरिया कर दया सांवरिया…..

पूजा जानू ना, साधना जानू ना,

कैसे तेरा सत्कार मैं करूं,

जी ये चाहे है, तुझको बिठा के आज,

अपने हाथों श्रृंगार मैं करूं,

देख तुझे सामने, होश खो सा जाए,

क्या करूं क्या नहीं, मन समझ ना पाय,

तू जो कहे मुझसे, करूं आज मैं वही,

सोच मुझे पागल, ये दुनिया है हंसी......

सांवरिया कर दया सांवरिया,

सांवरिया कर दया सांवरिया…..

पायी कभी ना, मां की ममता,

जो थे अपने, मुख मोड़ वो चले,

मैंने तुझे ही अपना माना है,

टूट जाऊं, जो छोड़ तू चले,

मुझे तेरा प्यार, हर एक रूप में मिले,

जीवन की छांव और धूप में मिले,

तेरे सिवा मेरा कोई ओर है नही,

सोच मुझे पागल ये दुनिया है हंसी......

सांवरिया कर दया सांवरिया,

सांवरिया कर दया सांवरिया….

छोटे से टूटे से इस घर में आये हैं साँवरे,

छोटे से टूटे से इस घर में आये हैं साँवरे,

तुझको देख के नैन मेरे हुए हैं बावरे,

तुझको देख के नैन मेरे हुए हैं बावरे.....

अपने हाथों भोग लगाऊं मैं तुझे,

रूखा सूखा जो है खिलाऊं मैं तुझे,

मेरे मन के मंदिर में तू है श्याम जी,

सोच मुझे पागल ये दुनिया है हंसी.......

सांवरिया कर दया सांवरिया,

सांवरिया कर दया सांवरिया….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।