मुझे मिले नहीं भगवान

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन विविध भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मुझे मिले नहीं भगवान,

मैं ढूंढ के हार गया,

मुझे मिले नहीं भगवान,

मैं ढूंढ के हार गया......

काशी मथुरा हरिद्वार गया,

गंगा सागर केदार गया,

मैंने ढूंढा सभी जहान,

ढूंढ के हार गया,

मुझे मिले नहीं भगवान,

मैं ढूंढ के हार गया......

वृन्दावन के वन में ढूंढे,

गोकुल के ग्वालन में ढूंढे,

प्रभु हो गए अन्तर्ध्यान,

ढूंढ के हार गया,

मुझे मिले नहीं भगवान,

मैं ढूंढ के हार गया......

गीता रामायण में ढूंढे,

बद्रीनारायण में ढूंढे,

सब ढूंढे वेद पुराण,

ढूंढ के हार गया,

मुझे मिले नहीं भगवान,

मैं ढूंढ के हार गया.......

गंगा यमुना और त्रिवेणी,

गंगोत्री यमुनोत्री बेड़ी,

ढूंढे केदार महान,

ढूंढ के हार गया,

मुझे मिले नहीं भगवान,

मैं ढूंढ के हार गया.......

ऋषि मुनियों के द्वारे ढूंढे

सब ज्ञान के भंडारे ढूंढे,

मिले भक्ति से भगवान,

ढूंढ के हार गया,

मुझे मिले नहीं भगवान,

मैं ढूंढ के हार गया.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।