दुनिया ते जोगिया सानू तेरे नाम नाल जानदी ए

पारंपरिक
अन्य भजन बाबा बालक नाथ भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

( मैं कख सी

कखा तो बहुत हौला,

ते तू कखा तो कित्ता लख जोगी,

तू लख किता, ते मैं लख होके,

तेरे वास्ते किता ना कख जोगी। )

( ते तू वडे दिल दा मालिक है,

किता अपने आप तो कदे ना वख जोगी,

तेरे वर्गा शहंशाह मै देखया नहीं,

जीना किता तू गरीबा दा पख जोगी,

दुनिया ते जोगिया सानू तेरे नाम नाल जानदी ए,

सानू ऐनी पहुँच बथेरी ए,

हूंन लोड ना होर पहचान दी ए। )

जिथे तेरे नाम दी जोगिया,

करीए जय जय कार,

औसे थां ते आउंदा जोगी होके मोर सवार,

साडे ल्यी तां बाबा जी,

ऐ गल बड़े ही मान दी,

दुनिया ते जोगिया सानू तेरे नाम नाल जानदी ए.....

तेरे पीछे ही ला देनी,

अपनी ए जिंद जान,

तू साडा ते अस्सी हाँ तेरे,

इस गल उत्ते मान जोगिया,

साडे उत्ते रहमत तेरी,

जो दुनिया अज पहचान दी ए,

दुनिया ते जोगिया सानू तेरे नाम नाल जानदी ए.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।